मां के जाने के बाद घर संभालना पड़ा ,,
उसी में लगे रहे…
लेकिन इस जिम्मेदारी ने मुझे बहुतों से अलग कर दिया है.!
हम तो बस जोड़ कर रखना चाहते थे सब को..,
पता ही न चला कब सब हमसे ही अलग हो गए..!
कोशिश करते रहे उसकी कमी सब की जिंदगी में पूरी करने की..,
पता ही न चला कब हम बिलकुल अकेले हो गये…